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हम माफ़ कर देने लायक लोग नहीं है, लेकिन तुम्हारी याद आएगी ट्विंकल
  
08 Jun 2019
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प्यारी
ट्विंकल

तुम अब इस दुनिया में नहीं हो ज़ाहिद और असलम जैसे भेडियो ने अपनी शरीर की भूख मिटा कर तुम्हारे शरीर को टुकड़ों में बांटकर उसे कचरे में फेंक दिया, तुम तो शायद ये भी नहीं जानती कि तुम्हारे ज़िस्म को कुत्ते नोंच रहे थे" ये पता चलने से पहले तुम इस दुनिया में ही नहीं रही, तुम इंसानियत पर शर्म जरूर करना, जहाँ भी रहो वहां के लोगों को बताना कि उस दुनिया के लोग महज़ कुछ कागज़ के टुकड़ों के कारण अपनी बेटियों को बर्बरता से मारकर उनकी आत्मा को भीतर तक नोंच देते है।

ट्विंकल मुझे सोचकर उन लोगों से घिन सी हो रही है, तुम उस वक़्त रोइ तो होगी, चीखी भी होगी लेकिन इन्हें कोई फर्क नहीं पड़ा, ऐसा हो सकता है? सोचकर आत्मा पिघल जाती है कि सच में ऐसा ही हुआ है, उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ा। हे मेरे मरे हुए ख़ुदा थोड़ा ज़िंदा भी हो ले देख ले या तो बता दे इन्हें कि इस दुनिया में जो हो रहा है तेरी मर्जी के बगैर हो रहा है या तेरी मर्जी से, या तो तू सोया है या तो मर गया है।

तुम जानती हो आज तुम्हारी तस्वीर देखी थी, तुम्हारी हँसी कितनी प्यारी है ट्विंकल बिल्कुल तुम्हारे नाम की तरह। मैंने तुम्हें पहली दफ़ा ही देखा है लेकिन न जाने क्यों एक अपनेपन की भावना महसूस हुई भीतर। अपनत्त्व की भावना का कारण तुम्हारे ऊपर जो बीता वही है शायद लेकिन फिर भी फिलहाल मैं महसूस करने के सिवा तुम्हारे लिए कुछ भी नहीं कर सकता। लगता है जैसे तुम्हें गोद में उठाकर पास वाली दुकान पर लेकर जाऊं, तुम किसी डिब्बे पर हाथ रखो और उस डिब्बे की ढेरों चॉकलेट तुम्हारे हिस्से कर तुम्हें मुस्कुराने की एक छोटी सी वजह दूँ। तुम मुझे गाल पे एक पा करो और गुम हो जाओ अपनी किसी दुनिया में।

हम माफ़ कर देने लायक लोग नहीं है, लेकिन तुम्हारी याद आएगी ट्विंकल। बुरा न मानना अगर हम तुम्हें भूल जाए, हम अक्सर बेटियों की मौत को जल्दी भूलकर उन्हें फिर से दौहराने वाले लोग है। इस सच से गुस्सा न होना सच तो सच ही होते है न।

सुधीर भारद्वाज जी की वाल से साभार 

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