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6 मार्च को प्रताड़ित किये गए कश्मीरियों को भी बुलाया
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अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आज राजधानी लखनऊ में अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति (एडवा) का 11 वां ज़िला सम्मेलन गोमतीनगर स्थित बुद्धा सभागार में आयोजित हुआ। सम्मेलन के अवसर पर रिवर फ्रंट से बुद्धा सभागार तक जुलूस भी निकाला गया जिसको 'समानता और स्वाधीनता मार्च' नाम दिया गया।


जनवादी महिला समिति ने 6 मार्च को भगवा गुंडों द्वारा जिन कश्मीरी युवको पर हमला किया था उनके साथ एकजुटता दिखाते हुए आज उनकी दुकान अपने सम्मेलन के साथ लगाई और उनको अपने सम्मेलन से जुड़ने का मौका दिया। जनवादी महिला समिति ने लखनऊ शहर के तमाम इंसाफ और अमन पसंद नागरिकों से अपील की थी कि वह सम्मेलन के अन्दर आए और अपने इन कश्मीरी भाईयों के प्रति सहानभूति दिखाते हुए उनकी दुकान से ड्राईफ्रूट्स खरीदने का काम करे।  


एक ओर इसके मध्यम से हम पूरे देश में यह सन्देश देना चाहते थे कि 'कश्मीरी हो, तमिली हो, बिहारी हो, मराठी हो, यूपी वासी हो, यह पूरा देश उसका है। अगर हम हिंदुस्तान की बात करते है तो हिंदुस्तान के हर नागरिक को कही भी जाने, कही भी रहने, कही भी व्यापार करने का अधिकार है। दूसरा, इसके माध्यम से हम यह सन्देश देना चाहते थे कि लखनऊ की आवाम अमनपसंद है वह नफरत को नही जानती वह प्रेम और सौहार्द को जानती है इसके लिए जिन लोगों ने इन कश्मीरी युवको पर हमला करके उनलोगों ने लखनऊ शहर की शान, लखनऊ शहर की पहचान पर हमला किया था। उस हमले के खिलाफ़ हम यह बताना चाहते है कि चंद लोग ऐसे हो सकते है लेकिन बहुमत जनता अमनपसंद है, कश्मीरियों के साथ है। वो जितना कश्मीर से प्यार करती है उतना ही कश्मीरियों से। हमारी कोशिश यह भी थी कि उस मारपीट के बाद से इन कश्मीरियों के मन में जो डर है उसको समाप्त कराया जाए। जनवादी महिला समिति ने तमाम दूसरी राजनितिक पार्टियों और अमन पसंद नागरिकों के साथ मिल कर पुलिस प्रशासन पर दबाव बना कर उन हमलावरों पर एक दिन के अन्दर 307, 7 क्रिमिनल एक्ट और 147 जैसी धाराए लगा कर जेल भेजने का काम किया सबकी गिरफ़्तारी सुनिश्चित की। एक तरफ अपनी ही ज़िम्मेदारी को सुनिश्चित किया और दूसरी तरफ लखनऊ शहर का एकजुटता और अमन का संदेश पूरे देश में देने का काम किया।'


इस सम्मेलन और लखनऊ शहर के नागरिकों की तरफ से तमाम राजनितिक दलों ने जिसमे भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी (माकपा), जनवादी महिला समिति शामिल है उन्होंने एक पहल की थी और अपने तमाम टेलीफोन नंबर जारी करते हुए कहा था कि "अगर किसी कश्मीरी के साथ किसी भी तरह की घटना होने की स्थिति आती है तो वह हर समय उनकी मदद के लिए तैयार है।"


इस सम्मेलन में 'वर्तमान के परिदृष्य और महिलाओं के मुद्दे' विषय पर एक संवाद का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में एडवा की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाषिनी अली मुख्य वक्ता थी। इस सम्मेलन को सेना के परिवार वालों की तरफ से आर्मी अधिकारी की पत्नी चंद्रिका योल्मा लामा ने संबोधित करते हुए कहा कि 'युद्ध किसी चीज का समाधान नही है। हम युद्ध नहीं चाहते।' दुनिया जिसे दुश्मन कहती है, उन्हें यहां दोस्त होते देखा।

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