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शेहला रशीद पर जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के बाद सेना के खिलाफ विवादास्पद ट्वीट करने का आरोप है
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नई दिल्ली: राजद्रोह के मामले में अदालत ने जम्मू-कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट की नेता शेहला रशीद की गिरफ्तारी पर 5 नवम्बर तक के लिए रोक लगा दी है। साथ ही निर्देश दिया कि वह दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा को जांच में सहयोग करें। शेहला रशीद पर जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के बाद सेना के खिलाफ विवादास्पद ट्वीट करने का आरोप है। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद उन्होंने अपनी गिरफ्तारी की आशंका को देखते हुए अदालत से सुरक्षा की गुहार लगाई थी।

शेहला रशीद की तरफ से वरीय अधिवक्ता सतीश टमटा ने अदालत से कहा कि उनके मुवक्किल ने 17 अगस्त को ट्वीटर पर कुछ जानकारी शेयर की थी। इस जानकारी को आपत्तिजनक बताते हुए एक अधिवक्ता की शिकायत पर अपराध शाखा ने प्राथमिकी दर्ज कर की थी। अब उसे आशंका है कि इस मामले में उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। वह जांच में सहयोग करने को तैयार है। उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दिया जाए।

पुलिस की तरफ से अधिवक्ता इरफान अहमद ने कहा कि इस मामले में अभी तक शरला राशिद को नोटिस भी जारी नहीं किया गया है। सेना ने भी अभी तक कोई शिकायत नहीं की है। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच में छह हफ्ते का समय लग सकता है। पटियाला हाउस कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पवन कुमार जैन ने कहा कि इस मामले में विस्तृत जांच की जरूरत है।

उन्होंने यह कहते हुए इस मामले की सुनवाई 5 नवंबर के लिए स्थगित कर दी और तबतक के लिए शेहला की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी।अधिवक्ता अलख आलोक श्रीवास्तव ने अपराध शाखा से शिकायत किया था कि जवाहर लाल नेहरू विविद्यालय (जेएनयू) की पूर्व छात्र नेता ने सेना पर पूरी तरह गलत और मनगढंत आरोप लगाए हैं। उनका आरोप निराधार है।

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