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फ्रेंस कांफ्रेंस के दौरान सवालों का जवाब देतीं पीवी सिंधु
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नई दिल्ली: विश्व बैड¨मटन चैंपियनशिप में खिताब जीतकर लौटी पीवी सिंधु ने कहा कि विश्व खिताब जीतने से उसका मनोबल बढ़ा है और अब उसका अगला लक्ष्य टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतना है। सिंधु ने कहा कि इसके लिए मैं कड़ी मेहनत कर रही हूं ताकि टोक्यो में पदक का रंग बदलकर पीला कर सकूं। विश्व चैंपियनशिप ने कहा कि यह खिताब पांच साल की कड़ी मेहनत के बाद मिला।

सिंधु ने अपने अगले लक्ष्य को लेकर कहा, ‘‘ओलंपिक तक काफी टूर्नामेंट होने हैं और मुझे अपने अच्छे प्रदर्शन को बरकरार रखना है। फिलहाल मेरा ध्यान चाइना और कोरिया ओपन पर लगा हुआ है जिनके लिए मैं कड़ी तैयारी कर रही हूं। मैं कदम दर कदम आगे बढ़ना चाहती हूं।’ भारतीय स्टार शटलर यहां आईजी स्टेडियम में पीएनबी मेटलाइफ जूनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप के ग्रैंड फिनाले समापन समारोह में मुख्य अतिथि बनकर आई थीं। सिंधु ने अंडर-9, 11, 13, 15 और 17 के विजेताओं और उपविजेताओं को ट्रॉफी और पुरस्कार राशि प्रदान करते हुए उन्हें शाबाशी दी।

सिंधु ने सभी विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि देश में बैड¨मटन की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है और आप सभी बच्चे इस खेल में देश का भविष्य हैं।विश्व चैंपियनशिप में खिताबी मुकाबले से पहले दबाव के बारे में पूछे जाने पर सिंधु ने कहा कि फाइनल से पहले मुझ पर कोई दबाव नहीं था। मैं इसे एक मैच की तरह लेकर खेल रही थी जहां मेरा लक्ष्य अपना शत प्रतिशत प्रदर्शन करना था। नाओमी ओकुहारा के खिलाफ फाइनल में मैंने यही काम किया। सिंधु ने कहा, ‘‘जब आप कोर्ट पर खेलने उतरते हैं तो दबाव और जिम्मेदारी हमेशा बनी रहती है।

विश्व खिताब ने मेरे मनोबल को ओलंपिक के लिए मजबूत किया है। मैं हमेशा अपना गेम खेलने पर विास रखती हूं और खुद पर अनावश्यक दबाव नहीं डालती।’उन्होंने कहा, ‘‘हम दोनों एक दूसरे के खेल को अच्छी तरह जानते हैं। इसलिए रणनीति बनाने या दबाव जैसी कोई चीज नहीं थी। मैं पिछले कुछ वर्षो में सेमीफाइनल और फाइनल में हार रही थी और मुझे यह गतिरोध तोड़ना था। मैंने अपने खेल पर ध्यान केंद्रित किया और जीतने में सफल रही।’

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