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नोटिस को लेकर आज चुनाव समिति को देना है जवाब
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नई दिल्ली: जवाहरलाल नेहरू विविद्यालय छात्र संघ (जेएनयूएसयू) चुनाव में लिंग्दोह समिति की सिफारिशों के उल्लंघन को लेकर छात्र संघ चुनाव समिति को जेएनयू प्रशासन की ओर से नोटिस जारी किया गया है। जारी नोटिस में चुनाव समिति को कहा गया है कि समिति ने कोर्ट के आदेश के तहत चुनाव परिणाम पर रोक के बावजूद मतगणना के रुझान जारी कर दिए।

विविद्यालय के डीन ऑफ स्टूडेंट्स उमेश कदम ने चुनाव समिति को जारी नोटिस में लिंग्दोह समिति के निर्देशों के उल्लंघन की बातें कही हैं। चुनाव समिति को इस संबंध में ई-मेल किया गया है। जेएनयू प्रशासन का कहना है कि मत पत्रों की गिनती के दौरान रुझान जारी करके चुनाव समिति ने दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा अंतिम परिणाम बताए जाने के आदेश का उल्लंघन किया है। चुनाव समिति ने कहा था कि रविवार रात में बंद लिफाफे में कदम को परिणाम सौंप दिए गए हैं।

हालांकि प्रशासन को लगता है कि जमा करने से पहले ही परिणाम जारी कर दिए गए हैं। नोटिस में कहा गया है कि जेएनयू छात्र संघ चुनाव में सभी स्कूलों व सेंटरों को प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया। यह भी कहा गया है कि चुनाव के लिए नामांकन करने की तिथि 26 अगस्त से लेकर नतीजे जारी करने की तिथि 8 सितम्बर रखी गई, जो कि लिंग्दोह समिति के निर्देशों के तहत 10 दिन से ज्यादा का वक्त हो गया। साथ ही प्रत्याशियों की फाइनल लिस्ट जारी करते हुए उनकी हाजिरी व एकेडमिक एरियर को भी नहीं देखा गया।

साथ ही पार्ट टाइम स्टूडेंट को भी एक सीट आवंटित कर दी गई। इस मामले में आइसा ने कहा है कि जेएनयू छात्र संघ चुनाव समिति पर हमला कर जेएनयू छात्रों के जनादेश पर हमला किया गया है। संगठन ने जेएनयू प्रशासन से इस नोटिस को वापस लेने की मांग की है। साथ ही इस संबंध में माफी मांगने की भी मांग की है। आइसा ने जेएनयू छात्रों से जेएनयू छात्र संघ चुनाव समिति के समर्थन में खड़ा होने की अपील की है।

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